Enter your email address below and subscribe to our newsletter

Hot Now

Share your love

निरबै दिखावा : जी० एन० चमोली

आजा मनिखम मनख्यात नि रैगी वेकी जगा अब दिखावल लियाल ! याँका पैथर केवल पाश्याता संस्कृति ही जिम्मेदार नी ब्लकि हमरु रहन सहन खाणु पीणु रीति रिवाज अर दगड़ दगड़ उँ दाना संयणों कु साथ नि मिलुणु जौंल संस्कार अर…

झूटु रैबार अर सच्ची घटना : जी० एन० चमोली

बात बिल्कुल सचि च और परिवार से जुड़ीं च, ये ही वजै से कुछ नाम काल्पनिक छन ! बात उबरि च जैबरि फून नि हुन्दा छा एक मात्र सारू अपड़ी बात पौंछाणों रैबार या चिट्ठी हुन्दी छै ! रैबार कुछ…

भूत कख हरचिन : जी एन चमोली

जनि गढवाळ धीरे धीरे रीतू हुण बैठ अर मनिख फ्लैटूम जुगता रैगेन त भूत नमान बि हरचण बैठ गेन कबि कै जमन छवीं लगिदि छै वे रौल जनै त दिन द्वफरि जाणम बि डैर लगद हाँ भै सच ब्वना छौ…

है रे जमना

मि आज वे सन्दर्भ मा लिखणु छौं जैमा हमरा संस्कारू की इति श्री ह्वे ! उत्तराखण्ड का कै जनपद धीरे धीरे खालि ह्वे गेन ईं बात से आप अनविज्ञ नि छन ! उच्च शिक्षा अर वड़िया जीवन जीणा खुण मनिख…

पथरी खुणी असरदार ‘वरुण’

गुर्दे की पथरी तै निकालणे का वास्ता लोग लेजर पद्धति सी लेकर ओपन सर्जरी तलक करोणा छं। लेकिन प्रकृति न ये गलोण का वास्ता कई औषधि दिई छं। ऊमां विटि वरुण एक यनि वृक्ष छ जैका चूर्ण का नियमित प्रयोग…

चार साल बाद करि एप्रोच मार्ग निर्माण से  इन्कार

श्रीनगर गढ़वाल।  ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना का तहत अलकनंदा नदी पर बणि नैथाणा मोटर पुल तैनिे बैरांगना क्षेत्रा बटि जोडण की वर्षों पुराणि उम्मीदुं पर एक बार पिफर पानी पिफर ग्यायि। कार्यदायी एजेंसियुं न एप्रोच मार्ग का निर्माण से इन्कार कर…

इंसुलिन का स्तर तै संतुुलित बण्ये रखदी हरी प्याज

हरयु प्याज  न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि फायदेमंद भी छ। हराया प्याज मा एंटी-ऑक्सीडेंट डीएनए त्ैा नुकसान पौछौण सि रोकदन । येमा पये जाण वालु विटामिन सी ब्लड प्रेशर त्ै नियंत्रित कन्नु काम करंदु जांसे दिल सि जुड़ी बीमारि होण कु…

पयर्टन दगड़ी पहाड़ी व्यजंन तै बढावा द्वैंणसे मिल सकदू उत्तराखण्ड मा रोजगार

उत्तराखण्ड मा पर्यटन भौत खजनू च। यख चारधाम, मंदिर, नदी, नैसर्गिक सुंदरता राफ्टिंग अर झील, ताल सब्ब छन। उत्तराखण्ड मा हर साल लाखों यात्री ऐ करदन, जै से उत्तराखण्ड राजस्व बढदू। उत्तराखण्ड मा जथगा पर्यटक ऐ करदन उंक रण सण…

देहरादून का प्रसिद्ध चार सिद्धपीठ

देहरादून मा यना लोग कम ही छन जू यूं चार सिद्धो का बारा मां जाणदन, यू रक्षक सिंद्ध छन-मानक सिद्ध, मांडू सिद्ध, कालू सिद्ध अर लक्ष्मण सिद्ध। यूं सिद्धों की सिद्धपीठ, देहरादून की चार दिशाओं मां स्थापित छन, यूं चार…

बिना भाषाई पछ्याण का हर्चिग्ये उत्तराखण्ड

अपणा स्वााभिमान का वास्ता , हक का वास्ता उत्तराखण्ड  का गौं-गौं मा कतगैं उदाहरण आज बी गीत  रूप मा ज्यूंदा छन, वौ चाहे आदिकाल हो ,राजा-रजवाड़ों को बग्त हो , अग्रेंजों को शासन हो या चीन-पाकिस्तान की लणैं होवन। इना…

Stay informed and not overwhelmed, subscribe now!