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लाखामण्डल जख पाण्डवों तै जलौणा कु प्रयास करि छै

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उत्तराखण्ड कु खूबसूरत शहर च देहरादून। यख सी एक रस्ता सुप्रसिद्व धाम यमुनोत्री खुण जादू छ। ये ही रस्ता मा सवा सौ किमी दूर पडदु छ लाखामण्डल गाैंं कुंआ नौ की बस्ती सी यमुना नदी मा लगयां पुल ते पार करदा ही 3 किमी की पैदल दूरी पार करीक ये गाैं मा पहुची जै सकदू। अपणी अनूठी व विशिष्ट परम्पराओं तौर तरीको व जीवन शैली का कारण या जगा अपणी ओर ध्यान खीचदी छ। पांडवो का प्रति अत्यन्त आत्मीय आस्था सी जुडयु यु क्षेत्र जौनसार कहलांदू लाखामंडल ये क्षेत्र कु प्रमुख व प्रसिद्व गॉैं छ। यु गौ हमेशा ही इतिहास पुरातत्व का शोधकर्ताओं अर जानकारों वास्ते एक आवश्यक तीर्थ बणयु छ।
 यु वही लाखामण्डल गौ छ जेका बारा मा बोल्यु जादु कि दुर्योधनन लाक्षागृह बणैकिन पाडवों ते जिंदा जलोणु कु षडयंत्र रची छौ। लेकिन संयोगवश एक गुफा सी हवैकि पांडव बचीक निकली गैनी छा । लाक्षागृह नौ ही बिगडीक्ते लाखामंडल हवैे । या बात तब की छा जब कौरवोंन पांडवोन ये क्षेत्र मा शरण लिनी छ।  63 परिवारों का ये गाैं का बीचो बीच भव्य कलात्मक मंदिर विशेष दर्शनीय छ। मंदिर का नजदीक ही एक कमरा मा सैकडो मूर्तिया छत्र शिवलिग छ। मंदिर का नजदीक ही एक काला रंग कु चिकना पत्थर पर बणयु शिवलिग त अदभुत ही छ।   ये मा पाणी डालदा ही शीशा का जना मनखी पत्थर मा अपणी प्रतिछाया देख सकदा छन। भीम व अर्जुन सी लेकि शिव पर्वती की युगल मूर्तिया देखण लायक छ।   पौराणिक संदर्भो सी भी लाखामंडल की कहानी जुडी छ। बोल्यु जांदु छ कि यख मां पार्वती न पांडवो ते रहणा खुणी जगा दिनि छ।मा पार्वती का खुटयो का निशान आज भी एक पत्थर मा मुख्य सरोवर मा सुशोभित छन।  सामाजिक रीति रिवाजो मा यख पांडव नृत्य कु प्रचलन चलीक औणु छ। ये परम्परागत नृत्य मा गौ की जनानी द्रौपदी व मनस्यारा पांडवों कु अभिनय करदा छन। गाैंं की सामणी एक पहाडी मा अभी भी 4-5 गुफाए दर्शनीय छन।  अब यु ऐतिहासिक मंदिर पुरातत्व विभाग का जिम्मा छ। विभाग की तर्पा सी 4-5 सुरक्षा कर्मचारी यख नियुक्त छन। एक कमरा मा लगभग 200 दुर्लभ मूर्तिया रखी छन। पुरातत्व विभाग की तरफ सी यख एक संग्रहालय बणाय जाण की योजना भी छन।  यु गाैं देहरादून जनपद का अतर्गत चकराता तहसील मा औदु। चकराता यख सी 63 किमी दूर छ। चकराता तक लाखामंडल सी एक मोटर मार्ग जांदु छ। पर तेकी दयनीय हालत छ।    लाखामण्डल कु अतीत जतगा ऐतिहासिक गौरवमय संस्कृति सी समृद्व छ। वर्तमान मा उतगा ही समस्याग्रस्त व अभावग्रस्त । ये दिशा मा सरकार ते गम्भीरता सी सोच्यु चेदु। तभी यु प्रसिद्व
 गाैंं अपणी सही पहचान बढे पालु।

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