
रीता खिलाण खाली कीला टुंटी घुरपळी उजणी डंड्यळि तिबरि अर बांज प्वड़ी सार, जौं का बनौ हमरा पुरणौंल खैरि खा अपड़ा हडगा त्वड़िन आज वख बीरनता छईं च क्वी उबु जाणों मुक नि लीणा छन वे दिन बट बिन्डि बकिबात ह्वा जब बिटि सड़क एना गौं का गौं एक छवाड़ बट हैंक छवाड़ तक रीता ह्वेन मिं मनदु छौं कि यांमा कुछ दोष सरकारौ बि च पर हम लोगु बि कम दोष नी !
क्वी पस्यो नि बगाण चाणा छन अर तब हुणी छन बनबनि बिमारि अर तब भ्वना छन डाक्टरु का कीसा जैं थै द्याखा वी उँदु बस ज्ञा उन्नति कनौ हक सबु थै च पर अपड़ि थाथी छोड़ि करीं उन्नति कै कामै च ? सि छन उन्दु फलैटु मा बन्द हुयाँ न गुठयार न खिलाण न हवा ताजि न खाणु पौष्टिक जगा जगा सैरु मा सभा बणि छन पैसा कठा कैरी भवन बणया छन मन्दिर बणाया छन जनना कीर्तनू मस्त अर मर्द मीटिंग सिटिंग कना छन अब द्यौ द्यबता वखि पूजणा छन कौथिग अर महाकौथिग हूँणा छन पर अपड़ा घार जनै नि ह्यरणा छन ! क्वी क्वी त इतगा लाचार छन पंद्रा हजार म छन गुजरू कना मिल त इनबि दिखिनि बिचरा जनना दुसरौं का घार छन काम कना !
समझम एक बात नि आणि कि जब सामुहिक रूप मा तख उँदु इतगा काम कना छन त सामुहिक रूप मा अपड़ा गौं की साग सगवड़ि खेती बाड़ी क्यो नि दिखणा छन यदि सामुहिक रूप से घौर मा काम करे जा त फिर एक दौं गौं म बि पुरणि रस्याण ए सकद जरवत च त शुरुवात कनै
पाड़ मा अब व खैरि नि रै गे जु कै जमन छै कन वाळा खुण कै सरकरि योजना छन जगा जगा सड़क्यूँ का जाल बिछयाँ छन पर बात घूमफिरि वी आंद कि सामुहिक रूप मा कु गौं शुरू कारलू बेरोजगारि खतम कनौ एक उपाय यू बि च कि 15 नौनौं थै 40 पुंगड़ा सरकरि तौर फर दिये जांवन उन्की तनखा 18000 रुप्या दिये जौ अर उँ पुंगडौ मा फल सब्जी अर मौसमी अनाज उगै कि सरकार थै घ्यावन 6 मैना बाद गहन जाँच ह्वा जौंकु अच्छु काम काज अर बडिया उत्पादन हो उँ थै पकू करी कि हैंका ब्लोक भ्यजै जा अर हैंका ब्लोका वख भ्य जै जांवन त रोजगार अफ्वी बडलु दुकनि खुलली गाड़ी चलली नाई दरजी लुवार कै किस्मा घंधा चलण बैठ जाला सिर्फ सरकार थै शुरुवाती 6 मैनै खैरि च वेका बाद हर ब्लोक बटि अच्छु उत्पादन शुरू ह्वालु जौल टाळबैर कैरि उँ थै एक मौका देकि नि सुधरलु त सीदा भैर करे जालु अगर ईं योजना थै सरकार लागू कार त अदाचुल ज्यादा लोग घौर ए जाला अर जब गौं मा मनिख राला त जंगळि जानबरू कि डैर बि कम राली
दुसरू तरीका च गौं का गौं सामुहिक रूप मा पौष्टिक दाल गैथ जौं झंगवरू मंडवा कौणी तखऊँदै चुनौ आटु 95 रुप्या किलू मिलणू तीन धारा, गुम खाळ मा शैरी दाळ घर्या बथैकि ब्यचणा छन जबकि यदि सामुहिक तौर पर सैब यदि काम करीं त वेकु भी भौत अच्छु फल मिललू !
आव त पैटा घार अर बचावा देव भूमि थैं अगर अबि नि चितैल्या त एक दिन वख डुय्याळ अर मुसळमनू राज ह्वे जाण तब नि रुँयाँ भारे !


