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देहरादून मा यना लोग कम ही छन जू यूं चार सिद्धो का बारा मां जाणदन, यू रक्षक सिंद्ध छन-मानक सिद्ध, मांडू सिद्ध, कालू सिद्ध अर लक्ष्मण सिद्ध। यूं सिद्धों की सिद्धपीठ, देहरादून की चार दिशाओं मां स्थापित छन, यूं चार सिद्धों की छांव मां दून घाटी सदियों बिटि निरोग अर आनंदमयी वातावरण मा छन पलणी।
पुराणों मां लिख्यूं च कि दत्तात्रेय ऋषि का 84 शिष्यों नदी चार शिष्य, सिद्धपीठ मां दून घाटी एैकी बस गी छां। दत्तात्रेय भगवान लोक कल्याणों का वास्ता अपणा नौ नाथ, अर चौरासी सिद्ध शिष्य बणैन अर सारी जगत की शक्ति प्रदान करी।
देहरादून क चार दिशओं का सिद्ध पीठ यू छनः-
1. माडूं सिद्धः- माडूं सिद्ध पीठ देहरादून अर विकासनगर का रास्ता मां नंदा की चौकी से लगभग सात कि.मी. की दूरी पर स्थित च, माडूं सिद्ध कू मन्दिर पहाड़ी का नीस ;तलहटीद्ध नीमी नदी का तट पर एक बहुत सुन्दर अर रमणीक जगह पर स्थित च, जख जाणों तै नंदा की चौकी बिटि दुई रास्ता जान्दन- पैलूं रास्ता एैचं बिटि कोठड़ा सतौर बिटि जान्दूं, ये रास्ता बिटि जांण पर कुछ ही दूरी पर एक बहुत घनूं जंगल भी पड़दूं, अर जू दूसरू रास्ता माडंू सिद्ध जान्दूं वू पहाड़ी का बाई ओर बिटि पौंधा गाड़ी-मोटर से भी जान्दू, बर्खा का या बरसात का दिनों मां यख जांणू बहुत दिक्कत ह्वै जान्दी लेकिन बाबा का भक्त त तभी भी यख जान्दा ही छन, यखा लोगों की य मान्यता च कि जू भी भक्त बाबा का मन्दिर मा जालूं ऊंका दर्शन करलू वैकी मनोकामना जरूर पूरी होली अर सभी भक्त अपणी आस्था का साथ अपणी मनोकामना पूरी करणो तै ये मन्दिर मां जरूर जान्दन, ज्यों लोगो की मनोकामना बाधा पूर करदन वू लोग मन्दिर मां गुड़ की भैली चढ़ौदन अर जूं लोग समर्थ धन वू भडांरू भी करौंदन, मन्दिर का आस-पास का जू स्थानीय लोग छन जब गाय-भैंस ब्यादींन तब ऊं लोग मन्दिर मा दूध कू दान भी चढ़ौदन, ये तर्रै सी लोग ऊं तै पशुरक्षक देवता का रूप मा भी पूजदंन। ये मन्दिर मा और दिनों का बजाय रविवारों तै बहुत भीड़ रन्दी ये मन्दिर की विशेषता य भी च कि यख सारा धर्म व जाति का लोग औन्दन अर सभी की मनोकामना पूर्ण भी होन्दीनं, बाबा सबकी मनोकामना भी पूरी करदन, लेखक तै तमाम यनी सत्य घटनाआंे की भी जानकारी च कि जब कुई सच्ची भक्ति या सच्ची आस्था तैं लीकर भगवान का मन्दिर मा जान्दूं त वैकी खोयूं यश-सम्मान, सम्पति, विद्या अर खोई हुई चीज वैते दुबरा मिलि जान्दी।
मन्दिर मां बाबा की पूजा शिवलिंग का रूप मां होन्दी, हजारों साल पैली जब मांडू सिद्ध का द्वारा न कठोर तपस्या करी त भगवान शिव न प्रसन्न ह्वै की ऊं तै वरदान दीनी ये स्थान पर ऊंकी पूजा शिव का रूप मां होली, हर वर्ष बसन्त पंचमी कू तै यख बहुत बडूं मेला लगदू अर जून का दूसरा रविवार कू तै समिति भंडारा कू आयोजन भी होन्दू-वर्तमान मां ये मन्दिर का पुजारी पं0 मनोज बहुगुणा जी छन।

2. मानक सिद्धः- मानक सिद्ध मन्दिर शिमला रोड़ पर मेहुवाला सी अगने हुड़ी गांव म स्थित च, यख अपणा निजी वाहन सी भी जैं सकदंन, मन्दिर कूं आंगन काफी बडूं च जै मां काफी श्रद्धालुओं की रैणे की व्यवस्था भी च अर यख धर्मशाला भी च, भण्डारा का वास्ता भगवान मानक सिद्ध का प्रति असीम श्रद्धा अर विश्वास च, वू बाबा तै रोगपात देवता का रूप मां पूजदंन, गाय-भैंस क ब्याण पर लोग मन्दिर मा दूध चढ़ौदन, ये मन्दिर मां गुड़ की भेली कू प्रसाद चढाया जान्दन, मन्नत पूरी होण पर भण्डारू भी होन्दू।

3. कालू सिद्धः- सदानीरा सौंग नदी का पास ही देहरादून-ऋषिकेश का रासता पर भानियााला से 4 किमी. उत्तर की तरफ कालूवाला गाँव मा, कालू सिद्ध मन्दिर स्थित च, पस ही मां सघन कू जंगल का एक छोर पर स्थित शिवजी का ये मन्दिर मां लोग पुत्र प्राप्त अर बुरा व्यसनों की आदतों तैं छुड़ोनौ तै औदंन बाबा कू मुख्य प्रसाद गुड़ की भेली अर बतासा छन, मन्दिर मां जू लिंग स्थित च वैकी स्थापना पन्द्रहवी सदी का आस-पास ह्वै छ, यू मन्दिर खुला आकाश का नीस च, दैवीय आपदा का कारण यख मन्दिर बनन मा हमेशा परेशानी औन्दी, शिव रूपी कालू सिद्ध पीठ का प्रति भक्तों की असीम श्रद्धा च, वर्तमान मा मन्दिर का पुजारी पंाण्डे जी छन।

4. लक्ष्मण सिद्धः- देहरादून-हरिद्वार का रास्ता पर 11. किमी. की दूरी पर हर्रावाला एक कस्बा की दांयी ओर विटि 2. किमी. की पक्की सड़क जंगल का बीचों-बीच ह्वैके लक्ष्मण सिद्ध बाबा का दरबार तक जांदी, रविवार तैं मन्दिर मां खूब चहल-पहल रैन्दी, दरबार का आस पास छोटी-छोटी दुकान खूब संजी रैन्दीन, मन्दिर कू सारू प्रसाद, सामान सब दुकानो मा मिल जान्दू- खाण-पैणे की व्यवस्था भी खूब च, चाय-पकोड़ा की दुकान भी खूब छन, रविवार तै भण्डारा भी होन्दन, राष्ट्रीय राजमार्ग का पास होणां का कारण औण-जाण वाला श्रद्धालु बाबा कू दर्शन तै अवश्य उतरदनं, सच्चा मन सी दर्शन करण पर श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी भी होन्दी, मनोकामना पूरी होण पर भक्त रविवार तै बडू भण्डारू भी करदन।
ये तरह सी हमन देखी कि चारो सिद्ध पीठो मां शिव की पूजा होन्दी, अर यूं चारो सिद्ध पीठो पर गुड़ की भेली कू प्रसाद होन्दू, यू सच च कि यू चारो सिद्ध पीठों की यात्रा या दर्शन भक्त एक ही दिन मा नी कर सकदू।
