
बिन्सरी की घाम ब्यूरो।
मसूरी नैनीताल और शिमला मा अब वु शांति निश्छल सौदर्य और एकांत नि रहैगि जैकी चाहत पर्यटकुं की कल्पना मा होंदी। यो शहरों मा बढ़दी भीडभाड का कारण रहणु खाणु पीणु अधिक खर्चीलु ह्वै गिन। सैलाणी आमतौर पर यनी जगह की तलाश मा रदू जख भीड़भाड हल्लागुल्ला कम हो शांति और सुंदरता कु साम्राज्य ज्यादा हो। यनी सुंदर जगहोमा कौसानी अद्वितीय छ। आप यख पहंुचिकिन पहाडों का सौदर्य तै निहार सकदान।
कौसानी उत्तराखण्ड का पर्वतीय क्षेत्र कुमांऊ मा स्थित छ। समुद्रतल तल सी यख की ऊचाई 6000 फीट छ यख पहुचण भी आसान छ। अंतिम रेलवे स्टेशन अल्मोडा सी यख की दूरी 53 किमी छ। चीड देवदार व बॉज बुरॉस का जंगलों का बीच वंसया कौसानी सैलाणियों का दिलोदिमाग मा अमिट यादे भर दैदु। ये आकर्षण का कारण ही महात्मा गांधी सन 1929 मा यख 12 दिनों का प्रवास मा रहयान। तौन यख रहखतै अनासक्ति योग नायक पुस्तक लिखिन।
ये ही मोहक जगह मा हिंदी जगत का प्रख्यात कवि सुमित्रानंदन पंत क जन्म हुअी तौन हिमालय तै अपणु प्रेरणा कु स्त्रोत मानी। पंत जी का जन्म स्थल मा सरकार न संग्रहालय बणायु छ। कौसानी की सबसी बडी विशेषता छ हिमयाला का सुविस्तृत दृश्यों कु भव्य दर्शन। लगभग 300 किमी की लंबाई मा आकाश का एक छोर सी दूसरा छोर तक बर्फ सी ढकी चोटियों ग्रगोत्री बद्रिनाथ केदारनाथ नंदादेवी व त्रिशुल शिखरों सी लीकर पंचचूली होदा हुई नेपाल की आपि व नारीजंग चोटियो का दर्शन हये जादा। कौसानी का आसपास धुमणु आनंददायक अनुभवों सी दुई चार होणा छ। कौसानी मा अनासक्ति परिसर देखण लायक छ। महात्मा गांधी यखी रहयां छ। यख पर्यटको कुण पूरी सुविधा छ। आश्रम कु वातावरण अत्यन्त शांत छ। यख सी 15 किमी देर गरूड घाटी भौत सुन्दर छ। तैका अगाडी बैजनाथ मंदिर कु समूह छ। तैका अगाडी बैजनाथ मंदिर कु समूह छ। यख 5 मंदिर अनुण शिल्प का नमूना छ। कौसानी मा एक स्वयं सेवी संस्था लक्ष्मी आश्रम कार्यरत छ जु महिला स्वाबलंबन की दिशा मा उल्लेखनीय कार्य करनु छ। कौसानी मा 15 720 आधुनिक सुविधापूर्ण होटल छ। कई सरकारी बंगला व आवासगृह छ। कई सरकारी बंसत ऋतु मा यख मनोहरी बुरांस का फूल खिलदा छन। ये वास्ता घुमणा का शौकीनों तै कौसानी एक अच्छु विकल्प छ।


