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कुबाट हिटदारा : विष्णु दत्त जुयाल

‘माँ जी च्या बणि गे? अब उठ लेदि, चाय पीले। बुबाजी थै मि चाय दे। ज्वान लड़की ‘सुशीला’ ना सुबेर ल्हेकि अपणी माँ सावित्रि थैं उठालीका बोले। सावित्री अपणी आँख मीनदी-मीनदी उठीका बेटी सुशीला का सिर मा हाथ धरीका बोले-…

कौसानी: उत्तराखण्ड़ कु रमणिक स्थल

बिन्सरी की घाम ब्यूरो।मसूरी नैनीताल और शिमला मा अब वु शांति निश्छल सौदर्य और एकांत नि रहैगि जैकी चाहत पर्यटकुं की कल्पना मा होंदी। यो शहरों मा बढ़दी भीडभाड का कारण रहणु खाणु पीणु अधिक खर्चीलु ह्वै  गिन। सैलाणी आमतौर…

शीतकालीन यात्रा। 

कै भी क्ष्ेात्र का अगने बढण का वास्ता शोध चर्चा परिचर्चा का अलावा एक वैज्ञानिक सोच कु होंण अति आवयश्कता च। उत्तराखण्ड मा पर्यटन गतिविधियों मा कनके बढयेत्तरी हो। मूल भूत सुविधोमा कनके सुधार हो । येका वास्ता सरकार व…

बिना भाषाई पछ्याण का हर्चिग्ये उत्तराखण्ड

अपणा स्वााभिमान का वास्ता , हक का वास्ता उत्तराखण्ड  का गौं-गौं मा कतगैं उदाहरण आज बी गीत  रूप मा ज्यूंदा छन, वौ चाहे आदिकाल हो ,राजा-रजवाड़ों को बग्त हो , अग्रेंजों को शासन हो या चीन-पाकिस्तान की लणैं होवन। इना…

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